Meerut. खतरों से खेलकर अपराधियों का सामना करना, गोलियों के बीच डटे रहना और अपनी जान की परवाह किए बिना कर्तव्य निभाना—एसटीएफ मेरठ यूनिट के ऐसे ही जांबाज अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस को स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर बड़ा सम्मान मिला है।
एसटीएफ फील्ड यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह, शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल संजय सिंह को Medal for Gallantry (GM) से सम्मानित किया गया है। इनमें अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के लिए यह उपलब्धि और भी खास है। उन्हें दूसरी बार गैलेंट्री मेडल मिला है।
एसटीएफ मेरठ यूनिट के इन जांबाजों ने अलग-अलग ऑपरेशन में कुख्यात और इनामी अपराधियों का सामना करते हुए जिस साहस का परिचय दिया, उसी वीरता को इस प्रतिष्ठित सम्मान के जरिए सलाम किया गया है।
शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और दीपक कुमार की वीरता को सलाम
एसटीएफ मेरठ यूनिट के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को 4 मई 2023 को मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में हुए साहसिक ऑपरेशन के लिए गैलेंट्री मेडल मिला है।
उस दिन एसटीएफ मेरठ यूनिट का सामना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना से हुआ था। आमना-सामना मुठभेड़ में बदल गया। एसटीएफ की टीम ने खतरे की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला और मुठभेड़ में अनिल दुजाना मारा गया।
अनिल दुजाना के खिलाफ हत्या, सुपारी लेकर हत्या, व्यापारियों से रंगदारी मांगने और लूट जैसे गंभीर अपराधों सहित 66 मुकदमे दर्ज थे। लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय ऐसे कुख्यात गैंगस्टर के खिलाफ ऑपरेशन में एसटीएफ टीम ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया था।
इसी ऑपरेशन में दिखाई गई बहादुरी के लिए शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को गैलेंट्री मेडल के लिए सम्मानित किया गया है।
शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वर्दी में रहते हुए उनकी बहादुरी और कर्तव्य के प्रति समर्पण को मिला यह सम्मान उनकी वीरता की कहानी को हमेशा याद दिलाता रहेगा।
ASP बृजेश कुमार सिंह को दूसरी बार गैलेंट्री मेडल
एसटीएफ मेरठ यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह को दूसरी बार गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया है। उनके साथ हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल संजय सिंह को भी 10 नवंबर 2025 को मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में हुए साहसिक ऑपरेशन के लिए यह सम्मान मिला है।
इस ऑपरेशन में एसटीएफ मेरठ यूनिट का सामना एक लाख रुपये के इनामी आसिफ उर्फ टिड्डा और 50 हजार रुपये के इनामी दीनू से हुआ था। दोनों अपराधी एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर घर पर फायरिंग करने की घटना में वांछित थे।
एसटीएफ टीम ने दोनों की घेराबंदी की तो मुठभेड़ हो गई। इस दौरान एसटीएफ के अधिकारियों और जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला। मुठभेड़ में दोनों इनामी अपराधी मारे गए।
दोनों का लंबा आपराधिक इतिहास था। हत्या, रंगदारी और लूट समेत आसिफ उर्फ टिड्डा के खिलाफ 66, जबकि दीनू के खिलाफ 23 मुकदमे दर्ज थे।
इस ऑपरेशन में दिखाई गई असाधारण वीरता के लिए ASP बृजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल संजय सिंह को गैलेंट्री मेडल मिला है।
2018 की उस मुठभेड़ में मिला था बृजेश कुमार सिंह को पहला गैलेंट्री मेडल
ASP बृजेश कुमार सिंह के साहस की कहानी यहीं से शुरू नहीं होती। उन्हें इससे पहले भी एक बेहद सनसनीखेज वारदात के आरोपियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में दिखाई गई बहादुरी के लिए गैलेंट्री मेडल मिल चुका है।
27 अप्रैल 2018 को मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज डकैती हुई थी। विदाई के बाद कार में जा रही दुल्हन महविश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाश कार और नकदी लूटने के साथ दुल्हन के शरीर से जेवरात भी लूट ले गए थे।
वारदात के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ नरसी उर्फ टाइगर और धीरज समेत तीन अन्य फरार थे। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
STF ने लगातार खुफिया जानकारी जुटाई। इसी दौरान 29 मई 2018 को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी हिमांशु और धीरज मेरठ-करनाल रोड पर पदम कोल्ड स्टोरेज के सामने एक खंडहर में छिपे हुए हैं।
सूचना के बाद STF ने ऑपरेशन शुरू किया। आमना-सामना होने पर मुठभेड़ हुई और हिमांशु तथा धीरज दोनों मारे गए।
इस सनसनीखेज मामले के आरोपियों के खिलाफ ऑपरेशन में दिखाई गई वीरता के लिए बृजेश कुमार सिंह को पहला गैलेंट्री मेडल प्रदान किया गया था।
अब 2025 के भोजपुर ऑपरेशन में दिखाई गई बहादुरी ने उनके नाम एक और उपलब्धि जोड़ दी है और स्वतंत्रता दिवस-2026 पर बृजेश कुमार सिंह दूसरी बार गैलेंट्री मेडल से सम्मानित हुए हैं।
एक मेडल नहीं, वर्दी के साहस का सम्मान
स्वतंत्रता दिवस पर मिला यह सम्मान केवल पदक नहीं, बल्कि उन पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान है, जो अपराधियों के सामने सबसे आगे खड़े होकर मुकाबला करते हैं।
एसटीएफ मेरठ यूनिट के इन अधिकारियों और जवानों ने अलग-अलग ऑपरेशन में साबित किया कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, कर्तव्य के रास्ते पर कदम पीछे नहीं हटेंगे।