मेरठ। कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) कलानिधि नैथानी के निर्देश पर मेरठ परिक्षेत्र के चार जिलों में 4 अस्थायी थाने और 58 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। इन सभी स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई है, ताकि कांवड़ मार्गों और मेला क्षेत्रों में शिवभक्तों को तुरंत सहायता मिल सके।
डीआईजी ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास शुरू होने से चार दिन पहले ही व्यवस्थाएं सक्रिय कर दी गई हैं। अस्थायी थानों और चौकियों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाना, आपात स्थिति में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया देना और श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
जनपदवार व्यवस्था
मेरठ: 1 अस्थायी थाना और 9 पुलिस चौकियां
बुलंदशहर: 1 अस्थायी थाना और 17 पुलिस चौकियां
बागपत: 1 अस्थायी थाना और 11 पुलिस चौकियां
हापुड़: 1 अस्थायी थाना और 21 पुलिस चौकियां
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्थायी थानों और चौकियों को श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुविधायुक्त बनाया जाए। यहां संचार व्यवस्था, फर्नीचर, बिजली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, प्राथमिक उपचार और जनसहायता की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रत्येक अस्थायी पुलिस इकाई का GPS कोऑर्डिनेट्स के साथ चिन्हांकन भी किया गया है, जिससे कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी कर सकें।
डीआईजी के प्रमुख निर्देश
सभी थानों और चौकियों को आगंतुकों के लिए सुलभ बनाया जाए।
QR Code लगाए जाएं, ताकि श्रद्धालु मार्ग और आसपास की सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
प्रत्येक चौकी पर सहायता केंद्र और फर्स्ट एड की व्यवस्था रहे।
किसी भी सूचना पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करे।
श्रद्धालुओं के साथ शिष्ट व्यवहार किया जाए और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता दी जाए।
संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी जाए।
एम्बुलेंस, अग्निशमन और वरिष्ठ अधिकारियों के आपातकालीन संपर्क नंबर उपलब्ध रहें।
बीमार या घायल श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक उपचार और आवश्यकता होने पर अस्पताल पहुंचाया जाए।
शिवभक्तों को निकटतम शौचालय, पेयजल, भोजन और विश्राम स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
मेरठ परिक्षेत्र पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।