मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र ने आधुनिक तकनीक के जरिए अपराध नियंत्रण में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में मेरठ रेंज के चारों जनपद मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ ने लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग मई 2026 में NAFIS पोर्टल पर अपराधियों के फिंगरप्रिंट डेटा की 100 प्रतिशत फीडिंग के आधार पर जारी की गई है।
डीआईजी मेरठ रेंज कला निधि नैथानी ने बताया कि NAFIS प्रणाली के माध्यम से अपराधियों के फिंगरप्रिंट का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, जिससे उनकी त्वरित पहचान संभव होती है। इससे अपराधों के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी में पुलिस को काफी मदद मिल रही है। उत्तर प्रदेश में यह प्रणाली 1 जुलाई 2022 से लागू है और सभी जिलों की फिंगरप्रिंट इकाइयों द्वारा लगातार डेटा अपलोड किया जा रहा है।
मई 2026 में फीड किए गए अपराधियों का डेटा
मेरठ: 533 अपराधियों के फिंगरप्रिंट, 100% फीडिंग
बुलंदशहर: 506 अपराधियों के फिंगरप्रिंट, 100% फीडिंग
बागपत: 215 अपराधियों के फिंगरप्रिंट, 100% फीडिंग
हापुड़: 212 अपराधियों के फिंगरप्रिंट, 100% फीडिंग
चारों जिलों में कुल 1,466 अपराधियों के फिंगरप्रिंट NAFIS प्रणाली पर सफलतापूर्वक अपलोड किए गए।
डीआईजी कला निधि नैथानी ने बताया कि मेरठ रेंज के सभी जिलों की NAFIS फीडिंग की नियमित समीक्षा की जा रही है। आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और उत्कृष्ट कार्य के चलते मेरठ रेंज ने मार्च 2026 से लगातार तीसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
मेरठ रेंज की बड़ी उपलब्धि: NAFIS रैंकिंग में लगातार तीसरी बार पूरे प्रदेश में नंबर-1