सीतापुर। सीतापुर के रहने वाले अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर ने शादी को ठगी का जरिया बना लिया। बाप-बेटे ने 44 महिलाओं को शादी के जाल में फंसाया और करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की। इनमें सीतापुर की सेवता सीट से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी की MBBS डॉक्टर बेटी प्रज्ञा तिवारी भी शामिल हैं।
ज्यादातर महिलाएं 40 साल से अधिक उम्र की थीं। इनमें विधवा, तलाकशुदा और कुछ दिव्यांग महिलाएं भी थीं। महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए अनुज अपने बेटे प्रखर को छोटा भाई बताकर मिलवाता था।
मामला उस समय सामने आया, जब भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने अपने समधी अनुज और दामाद प्रखर के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
14 फरवरी 2024 को प्रखर ने प्रज्ञा तिवारी से शादी की। प्रज्ञा MBBS डॉक्टर हैं। दोनों का एक बेटा भी है। बाद में अनुज और प्रखर की असलियत सामने आने के बाद ज्ञान तिवारी और उनकी बेटी ने उनसे सारे रिश्ते तोड़ दिए।
जिम में प्रज्ञा से बढ़ाई नजदीकी
प्रखर ने प्रज्ञा को जिम में टारगेट किया। जिस जिम में प्रज्ञा जाती थीं, प्रखर भी वहां जाने लगा। वह महंगी गाड़ी से जिम पहुंचता था और धीरे-धीरे प्रज्ञा से जान-पहचान बढ़ाई। इसके बाद उसने शादी का प्रस्ताव दिया।
प्रज्ञा ने अपने पिता ज्ञान तिवारी को इसकी जानकारी दी। विधायक ने परिवार के बारे में पता कराया तो जानने वालों ने बताया कि परिवार अच्छा है और मुंबई में रियल एस्टेट का कारोबार करता है।
अनुज ने अपने गांव में भी ऐसी ही पहचान बना रखी थी। उसने प्रखर के नाम से एक स्कूल खोल रखा था। सीतापुर रोड पर छठ मील के पास कृष्ण विहार में करीब 6 हजार वर्गफीट का आलीशान मकान भी बनवा रखा था।
कई राज्यों तक फैला शादी और ठगी का खेल
अनुज और प्रखर सीतापुर के चंद्रावल गांव के रहने वाले हैं। दोनों ने 2016 से 2022 के बीच उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता और कर्नाटक समेत कई जगहों पर महिलाओं को शादी के नाम पर निशाना बनाया।
अब विधायक ज्ञान तिवारी की FIR के बाद बाप-बेटे का पूरा मामला सामने आया है। विधायक की MBBS डॉक्टर बेटी से शादी और 44 महिलाओं के साथ शादी के जरिए 100 करोड़ रुपये की ठगी का मामला चर्चा में है।