Tuesday, 11 August 2026 |  मेरठ, उत्तर प्रदेश
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कांवड़ यात्रा में ग्राउंड कमांडर बने आईजी कलानिधि नैथानी, दिन-रात सड़कों पर उतरकर किया व्यवस्थाओं का रियलिटी चेक

कांवड़ यात्रा में ग्राउंड कमांडर बने आईजी कलानिधि नैथानी, दिन-रात सड़कों पर उतरकर किया व्यवस्थाओं का रियलिटी चेक

मेरठ में एसएसपी अविनाश पांडेय की रणनीति हुई पास

Meerut. कांवड़ यात्रा-2026 के सफल समापन के पीछे पुलिस की तैयारियों के साथ एक अधिकारी की लगातार ग्राउंड पर मौजूदगी भी चर्चा में रही। आईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी कांवड़ यात्रा के दौरान केवल दफ्तर से व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते नजर नहीं आए, बल्कि दिन-रात सड़कों पर उतरकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का खुद रियलिटी चेक करते रहे। कांवड़ मार्ग पर कहीं पुलिस की तैनाती देखी तो कहीं संवेदनशील प्वाइंट पर पहुंचकर मौके की स्थिति परखी।
कांवड़ यात्रा के शुरुआती दौर से लेकर शिवरात्रि के प्रमुख जलाभिषेक तक नैथानी लगातार फील्ड में सक्रिय रहे। मेरठ रेंज के अलग-अलग जिलों में पुलिस व्यवस्था, कांवड़ मार्ग, ट्रैफिक डायवर्जन और संवेदनशील स्थान उनकी निगरानी में रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश रहे कि कांवड़ियों की सुरक्षा और आम लोगों की सुविधा के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए।
दिन हो या रात, सड़क पर दिखाई दिए नैथानी

कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हाईवे और कांवड़ मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने की थी। ऐसे समय में आईजी कलानिधि नैथानी ने ग्राउंड पर उतरकर पुलिस की तैयारियों को परखा। उन्होंने अलग-अलग समय पर कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर यह जानने की कोशिश की कि कागजों और ब्रीफिंग में बताई जा रही व्यवस्था वास्तव में सड़क पर कितनी प्रभावी है।

यही वजह रही कि उनका निरीक्षण महज औपचारिक दौरा बनकर नहीं रहा। पुलिसकर्मियों की तैनाती से लेकर बैरिकेडिंग, यातायात संचालन, कांवड़ियों के आवागमन और संवेदनशील प्वाइंट तक व्यवस्थाओं को मौके पर देखा गया।

अधिकारियों से सीधे लिया फीडबैक
आईजी नैथानी ने रेंज के पुलिस अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। जहां सुधार की जरूरत दिखाई दी, वहां मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। फोकस इस बात पर रहा कि छोटी समस्या भी समय रहते दूर हो, ताकि वह कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी परेशानी का कारण न बने।
तकनीक के साथ ग्राउंड पुलिसिंग पर जोर

कांवड़ यात्रा में CCTV, कंट्रोल रूम और आधुनिक तकनीक से निगरानी की गई, लेकिन इसके साथ फील्ड पुलिसिंग पर भी खास जोर रहा। मेरठ में ICCC के जरिए कांवड़ मार्ग की गतिविधियों की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच रियल टाइम समन्वय किया गया।
कंट्रोल रूम के आंकड़ों के मुताबिक CCTV, RT सेट और विभिन्न विभागों से मिली 396 सूचनाओं/शिकायतों का निस्तारण कराया गया। यानी तकनीकी निगरानी के साथ सड़क पर मौजूद पुलिस टीमों का रिस्पांस भी पूरी व्यवस्था का अहम हिस्सा बना।

मेरठ में अविनाश पांडेय की टीम परीक्षा में पास
मेरठ जिले में एसएसपी अविनाश पांडेय ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। कांवड़ मार्गों से लेकर औघड़नाथ मंदिर और दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों तक पुलिस की तैनाती और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई।
मेरठ में लाखों शिवभक्तों की आवाजाही के बीच सुरक्षा, ट्रैफिक और जलाभिषेक की व्यवस्थाओं को संभालना बड़ी चुनौती थी। एसएसपी अविनाश पांडेय की अगुवाई में जिला पुलिस इस परीक्षा में सफल नजर आई।