लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची जारी होने को लेकर प्रेस वार्ता की। करीब 166 दिन चले इस अभियान के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित कर दी गई।
इस बार राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई है। इनमें 7,30,71,061 पुरुष (54.54%), 6,09,09,525 महिला (45.46%) और 4206 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। खास बात यह रही कि 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या में बड़ा उछाल आया और यह बढ़कर 17,63,360 हो गई।
मसौदा से अंतिम सूची तक बड़ा इजाफा
06 जनवरी 2026 को जारी मसौदा मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता थे, जो अब बढ़कर 13.39 करोड़ हो गए हैं। यानी इस दौरान 84,28,767 नए मतदाता जुड़े। इनमें पुरुषों की संख्या 42.27 लाख और महिलाओं की संख्या 42 लाख से अधिक रही। जेंडर रेशियो भी सुधरकर 824 से 834 हो गया।
इन जिलों और सीटों पर सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
मतदाताओं की संख्या में सबसे ज्यादा वृद्धि प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर जिलों में दर्ज की गई। वहीं विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे।
1.04 करोड़ नामों का नहीं हुआ मिलान, फिर भी पूरी प्रक्रिया पारदर्शी
अभियान के दौरान करीब 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हो सका, जबकि 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों ने सभी मामलों में नोटिस जारी कर 27 मार्च तक शत-प्रतिशत सुनवाई पूरी कराई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस और प्रक्रिया के नहीं हटाया गया।
राजनीतिक दलों और बूथ एजेंटों की बड़ी भागीदारी
इस अभियान में 75 जिलों के अधिकारियों के साथ 5.82 लाख से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट जुड़े रहे। राज्य स्तर पर 5 और जिलों में 3090 बैठकें आयोजित कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया।
शिकायत निस्तारण में यूपी नंबर-1
राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP) पर यूपी को देश में पहला स्थान मिला। कुल 1,08,529 शिकायतों में से 99.8% का समाधान किया गया।
‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में भी राज्य अव्वल रहा, जहां 8.63 लाख कॉल बुक हुईं और 97% मतदाताओं से संपर्क किया गया।
अपील का भी दिया गया विकल्प
निर्वाचन विभाग ने साफ किया कि यदि कोई व्यक्ति नाम जोड़ने या हटाने के फैसले से असंतुष्ट है तो वह 15 दिन में जिला मजिस्ट्रेट और 30 दिन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकता है।



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